Monday, July 13, 2009

10 साल की बची

आज मैं आप को अक आसी स्टोरी सुनाता होऊं जो मेरी सची स्टोरी हाय या स्टोरी मेरे अक १० साल की बची क सैट की हाय जिस क बूब भी सही से नही नकलां थान.
रीमा उस लार्द्की का नम हाय रीमा मेरे घर क सैट वाले घर क ऊपर वाले माकन मैं क्रयादर थी रीमा अक्सर मुजे आपनी चाट से दकती थी मैं उस को आपना लैंड ढकता तह रीमा मेरा लैंड धक् कर बोहत खौश होती थी मैं ने उस से कहा रीमा तुम मेरे चाट माँ आवो रीमा खाने लगी नोमन भाई जिस दिन आप क घर मैं कोई नही हो गा तो आ जौन गी.
और वो दिन भी आ गया मेरे घर मैं कोई नही था रीमा जादा तर दिन मैं तकरीबन ३ बजे आती थी उस वक़त रीमा की अम्मी सो रही होती थी रीमा को मैं ने आपने घर आने को कहा रीमा आ गई मैं ने उस को किस के उस क होंटों को चौसने लगा मैं ने रीमा क हात मैं आपना लैंड डे दया रीमा मेरे लैंड को दबाने लगी.
नोमन भाई इस को बहार नकलां मैं ने आपनी पन्त और शर्त उतर दी अब मैं उस क सामने नंगा खरा था.
रीमा मेरे लैंड को आपने हात मैं ले कर आगे पचे कर रही थी रीमा इस को मौन मैं ले कर चौसो रीमा मेरे लैंड को चौसने लगी बोहत मज़ा आ रहा था रीमा अब तुम भी आपने कपरे उतरोउस ने आपने सारे कैप्री उतर दये रीमा क चौद पर अभी तक बल भी नही आयन थान १० साल की चोटी बची क चौद पर बल की थार आ सक्तं हाय मैं उस क चौद को सालने लगा उस को मज़ा आ रहा था मैं ने रीमा क चौद को आपने मौन मैं ले लाया और आपनी ज़बान को उस की चौद की सौरख मैं डालने लगा रीमा की आखन बन थी उस को मज़ा आ रहा था मुजे समज नही आ रहा था अतनी चोटी सी सौताकह मैं आपना ८ इंच क लैंड की थार दलौं गा मैं ने रीमा से कहा अब मैं तुम्हरी इस चौद मैं आपने इस लैंड को दलौं गा नही नोमन भाई अतना बार लैंड इस मैं नही जे गा.
मेरे पास अक क्स्क्स्क्स फ़िल्म राखी थी मैं ने रीमा से कहा मैं तुम को दहका ता होऊं क किस थार जाता हाय मैं ने कद पर फ़िल्म लगी मैं ने रीमा से कहा धको इस फ़िल्म को इस फ़िल्म मैं अक कला से आदमी जिस का लैंड १२इन्च हो गा अक लार्द्की क चौद मैं आपना पुरा लैंड दल रहा था रीमा धक् कर हरण हो गई रीमा जब या लार्द्की अतना बार लैंड ले सकती हाय तो तुम अतना सा लैंड नही ले सकती.
थक हाय नोमन भाई मैं ने दराज़ से क्राइम की दबया नकली आपने लैंड पर बोहत साडी क्राइम लगी और रीमा क चौद मैं आपने ऊँगली से उस की सुराख़ मैं लगने लगा रीमा क टांगों को आपन खंडे पर रखा अब मेरा लैंड की टोपी उस क चौद क सोरख पर थी मैं ने रीमा क मौन मैं आपने मौन रखा और अक जूर का झाह्टका लगाया लकिन मेरी लैंड की टोपी ही रीमा क चौद मैं गई रीमस क मौन से चैक नकली लकिन मेरा मौन उस क मौन पर था उस की आवाज़ नही नकिल सकी मुजे उस वक़त कुछ नही पता था क वो बची हाय मुजे बस आपना लैंड उस क चौद मैं डालना था मैनाब हल्का हल्का जूर लगने लगा मेरा लैंड मोटा था उस क सोरख से जिस की वजा से फस फस क जा रहा था अब मेरा लैंड तकरीबन २ इंच अन्दर चला गया था थोरी और कोइश क बाद ३ इंच अब मुजे लगा कोई चिईज़ मेरे लैंड की टोपी से तकरी है मैं समज गया या इस का बरदा हाय अब मुजे जूर का झटका लगना था मैं ने रीमा क दोनों हात को आपने हात मैं लिया और उस क मौन मैं आपना मौन को अची थार दबा दया और अक जूर क झटका डे मेरा लैंड जहर तक उतर गया रीमा क आखों से अन्सौं नक़ल रहन तति चारा लाल यो रहा था मुजे पता था उस को बोहत दर्द हो रहा हाय थोरी डर मैं रीमा को इस ही थार पाकर रहा जब मैं ने ढाका क उस क दर्द मैं कुछ कमी इ हाय तो मैं ने आपने मौन को हटाया तो रीमा खाने लगी नोमन भाई मुजे बोहत दर्द हो रहा था अब किसा हाय दर्द कम हाय अब मैं आपने लैंड को आहिस्ता आहिस्ता आगे पचे करने लगा थोरी डर मैं रीमा को भी मज़ा आने लगा नोमन भाई और जूर सीह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ हुम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म ओफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्हाआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हाआआआआआ बोहत मज़ा आ रहा हाय जूर से भाई जूर से हम्म्म्म्म्म हुम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म हाआआआआआआअ हुम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्छ तकरीबन १५ मनात मैं मेरे लैंड ने जवाब डे दया और मैं ने आपनी साडी मणि उस क मौन पर गारा दी रीमा का चौद फट चोका था उस मैं से खौं नक़ल रहा था मैं ने उस दिन उस १० साल की बची को १० बार चोदा मैं ने सही सुना हाय लार्द्की को १०० बार भी चौद लो उस को कुछ नही होता अक्सर मोका केलने पर वो मुसे चौदने आती हाय.
अब उस की उमर १३ साल हाय इन २ सलौन मैं मैं ने उस को बोहत होदा और या स्टोरी लिखते वक़त वो मेरे सैट हाय मेरी कोड मैं हाय मेरा लैंड उस क चौद मैं हाय लघता हाय रीमा भी आप लोगों से कुछ खाने छाती हाय.
मरा दोस्तों मैं आप से कहों गी जब भी किसी को छोड़ो तो जम क छोड़ो जिसे नोमन भाई मुजे चोदते हाय.........

बाथरूम मई कौन है

ही, थिस इस विकी, जैसा की आप जानते ही है की मई २२ साल का हूँ, मगर ये मेरा पहला सेक्स एक्ष्पेरिएन्के था तब मई सिर्फ़ १७ साल का था, और स्कूल मई पड़ता था. मेरी तेअचेर जो की उस वक्त करीब २३ साल कित ही, और मेरी कालोनी मई ही रहती थी, मई उसको दीदी बोलता था, उसने हमारे स्कूल मई अस अ साइंस तेअचेर ज्वाइन किया, जब वोह पहले दिन स्कूल मई ई तोह. सबको अपना इन्त्रोदुक्शन देते हुए बोली. ही, इ ऍम निशा.

अब एपी लोग अपना इन्त्रोदुक्शन दीजिये.हम सबने अपना-अपना इंट्रो दिया. तोह व्हो मुजसे बोली की अर्र्री मई तुमको को तोह जानती हूँ , फिर वो मुड़कर क्लास अत्तेंदन्स लेने लगी . करीब २०/ २५ दिन बाद उन्होंहेय मुझे कहा की तुम मुझे घर जाने साईं पहले मिलना, मैंने क्या " काया बात है दीदी" तोह बोली की तुम साइंस मई बहुत ही कमजोर हो और पास भी होना मुस्किल है, तोह मैंने कहा की व्हो तोह मुझे मालूम है अब आप बताऊ की काया कर्रू मई, तोह उन्होंने बोला कित उम आज साईं मेरे पास शाम को पड़ने आ जाया करो. मैंने कहा टीक है मई आज साईं ही आ जौनगा. फिर मैंने उनके पास तुसैओं लेना शुरू कर दिया, करीब २० दिन बाद मई जब टूटें के लिए उनके घर गया और बेल बजाई तोह कोई रेस्पोंसे नही मिला, मैंने दूर को दक्का दिया तोह व्हो खुला हुआ था, मई अन्दर चला गया तोह मैंने स्वर की आवाज़ सुनी, कोई और उनके घर माहि नही था.

तभी मरे मन मई आया की मुझे देखना चैये की बाथरूम मई कौन है , सो मई उस तरफ़ चल पड़ा, मगर मुझे कुछ भी दिकाही नही दिया, मगर जैसे ही मई वापस मुड़ने लगा, दरवाजा खुला और उस मई साईं दीदी निकली, व्हो उस वक्त सिर्फ़ पैंटी पहनी हुए थी, मुझे देखते ही व्हो चिल्लाई की तू यंहा काया कर रहा है.. और जब उनको अपनी पोसिशन का ध्यान आया तोह व्हो वापस बाथरूम मई गुस गई, तब तक मेरा कमसिन लुंड खड़ा हो चुक्का था. मई वापस द्रविंग रूम मई आ गया, थोडी देर मई व्हो कपड़े पहन कर वंहा ई और बोली की गनती नही बजा सकता था काया, ऐसे कैसे गुस आया तू, मैंने कहा दीदी सॉरी बुत मैंने बहुत देर तक गनती बजी थी मगर कोई रेस्पोंसे नही मिला तोह आ गया और आप को देख लिया, तोह वोह बोली काया देखा मैंने कहा दीदी मैंने आपके सिर्फ़ बोबे देखे है, व्हो बोली की किसी को बताना मत की तुने ऐसा कुछ देखा है, मैंने कहा की दीदी वो एक बार और दिखा दो न, मैंने देख तोह लिए ही है, व्हो बोली नही तू अभी बहुत छूता है अपनी पडी कर. मई चुपचाप वापस आ गया.

दुसरे दिन स्कूल मई उन्होंने मुझे कहा की आज तू २ बजे पड़ने आ जन, मैंने कहा टीक है, स्कूल पुरा होते ही मई खाना खा कर उनके घर चला गया, व्हो उस वक्त खाना खा रही थी, मैंने पुचा की सब लोग कान्हा गए तोह वो बोली की सब बहार गए है मगर तू घर साईं नहा कर क्यों नही आया, मैंने कहा की मई तोह शाम को नाता हूँ, तोह बोली की तुज मई साईं बदबू आ रही है यही बाथरूम मई जा कर नहा ले, मैंने कहा की यंहा कैसे नहा लूँ , मेरे पास कपड़े नही है, तोह व्हो बोली नहने कई लिए कपड़ो की काया जरुरत है. तब तक मई समाज गया की लाइन कलिर हो रही है. मैंने कहा की बदबू आप को आ रही है मुझे नही तोह इसको दूर भी आप ही कर दो, तोह वोह बोली टीक है मगर तू किसी को बोलना मत, मैंने कहा मई क्यों बोलूँगा. फिर हम दोनों बाथरूम मई आ गए, उन्होंने ने मेरी टी- शर्ट उत्तरने को कहा, तोह मैंने कहा की आप ही उत्तर दो, उन्होंने ने मेरी टी- शर्ट उत्तर दी, तोह मैंने कहा, " दीदी आप कई भी कपड़े भेग जायेंगे इनको भी उत्तर दो, तोह व्हो मुस्कुराती हुई बोली तू सब जनता है, तोह ख़ुद ही उत्तर डे, मैंने फ़ौरन उनका कुरता फाड़ते हुए उत्तर दिया, अब व्हो सिर्फ़ ब्रा मई मेरे समाने थी, उन्होंने मुजसे कहा की तू पहला आदमी है जो मुझे एस कांदिसिओं मई देख रहा रहा है , मेरे घरवाले मेरे लिए आज लड़का देखने गए है, मैंने कहा दीदी आप भी पहली लड़की हो जो मुझे एस तरहे देख रही हो, फिर हम दोनों ने कसम खाई की हम एस बारे मई किसी को कुछ नही कहेंगे.

फिर व्हो बोली अब तू जो करमा छठा व्हो मेरे साथ कर ले, मैंने कहा दीदी मुझे तोह कुछ भी नही अत, आप बताओ, तोह वोह बोली हमारे पास ३ जानते है, जो तू करमा चाय वो तू कर ले और जो मई करमा चुंगी व्हो मई करुँगी, फिर मैंने उनके बूब्स अपने मुह मई ले लिए और चूसने लगा वोह मेरी पीठ पर हाथ फार रही थी, तभी उन्होंने ने मेरी पन्त को खोल दिया और बोली अब मई करुँगी, और मेरी चड्डी और पन्त ऊतर कर बाथरूम के बहार फेक दी, अब हम दोनों अदम जाट नंगे थे, २५ मं. तक हम दोनों एक दुसरे तो किस करते रहे, व्हो मुझे जायदा कर रही थी, फिर व्हो बोली चल अब पलंग पर चालित है, वोह मुझे पलंग पर ले गई और सीडी लेट गई, और बोली की अब तू मेरी छूट चाट, मैंने कहा दीदी मई नही चतुन्गा, तोह व्हो बोली मई तेरा लैंड भी तोह चतुंगी मैंने कहा पहली आप करो, तोह वह फ़ौरन शुरू हो गई, करीब १५ मं के बाद व्हो बोली अब तू चाट, तोह मैंने भी उनकी छूट को चाटना शुरू कर दिया तोह व्हो आआआआह्ह्हाआआआ आ, ओफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़, अक्चीईईईई तर्ह्ह्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य यी चाट, ऐसे आवाज़
निकलने लगी, फिर उन्होंने मुझे कहा की अब तू मेरे ऊपर आ जा और कम पुरा कर क्युकी घरवाले आने वाले है, मैंने फ़ौरन अपना लैंड उनकी छूट मई डालने की कोसीसी की मगर वोह बहुत टाइट थी, मेरे मोटा लैंड जा ही नही सका, तोह व्हो उत्ती और बोली कित उ बनता तोह बच्चा है मगर है नही, और तेल ले कर ई, और मेरे लैंड और अन्प्जी छूट पर नेकी अक्भर बीचा कर लगा दिया.

अब व्हो सीडी लेट गई और बोली अब जल्दी कर वरना कुछ नही होगा और कोई आ जाएगा, मैंने फ़ौरन अपना लैंड छूट पर टिकाया और एक जोर डर दक्का दिया तोह वोह चीक पड़ी, मैंने देखा तोह उनकी छूट साईं खून निकल रहा था, और उनकी अख्कू मई अस्सों आ गए थे, ,मैंने कहा काया हुआ तोह व्हो बोली बेफकूफ इतनी जूर साईं डालते है के मेरी जान निकल गई. मैंने कहा मुझे पता नही था दीदी, तोह व्हो बोली मुझे भी कान्हा पता था मई भी तोह पहली बर्र करवा रही हूँ, फिर मैंने
धेरे धेरे अपना लैंड उनको छूट मई डाला, व्हो भी आआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आआआअ करते हुए कोप्रते करने लगी. करीब २० मं बाद व्हो बोली की मेरा तोह पानी निकल गया, अब तुब ही जल्दी कर,
मैंने कहा बस मेरा भी निकलने वाला है, और १० मं बाद मैंने भी उनकी चुद मई ही अपना पानी चुद दिया, और हम दोनों एक दुसरे साईं चेपक गए, थोडी देर बद्द हम नहा कर जैसे ही बाथरूम साईं बहार निकले घर की बेल बजी, हमने जल्दी साईं कपड़े पहने और टेबल पर पहुच गए, दीदी ने दरवाजा खोला तोह उनकी नौकरानी दरवाजे पर कड़ी थी.

व्हो बोली मैडम इतना टाइम कैसे लग गया गेट खोल ने मई, तोह दीदी बोली की मई एस को पड़ा रही थी,, एस बीच हमसे एक गलती हो गई थी की हमने बाद की चद्दर नही बदली थी जिस पर की थिदा सा दीदी का ब्लड सील टूटने के कारन लग गया था , मैड सर्वेंट जिसका की नाम सविता था लेकर बहार आ गई और बोली की मैडम आपको कही लग गई काया जो ये कनून निकल गया साथ ही मुस्कुराती जा रही थी, अब दीदी की हालत ख़राब हो गई तोह मैंने कहा तुमको काया मतलब है तोह वोह सविता बोली मुझे सब पता लग गया है मगर गब्रावू मत मई किसी को नही बतौऊंगी. और उसने अपना वडा निभाया भी, कुछ दिन बद्द मैंने उसको अपने घर पर काम डे दिया, और उसको भी कम मई ले लिया, एस बेच मई दीदी और मई भी अपना काम करते रहे और उनकी वझे साईं मुझे ६५% मार्क्स मिली, कुछ दिन बाद उनकी शादी हो गई मगर हम दोनों फिर भी अपना कम करते रहे और आज उनके पास मेरे बच्चा है, जो की मेरी वझे साईं पैदा हुआ है, उसका नाम भी उन्होने मुजसे
पुच कर रखा है अभिषक. अब व्हो ३४ साल की है और मई २२ का मगर हमारा गेम अभी भी चालू है,

Tuesday, July 7, 2009

Monday, July 6, 2009

शादी का माहोल

मेरा नाम समीर है । मैं ३६ साल का नौजवान हूँ. सुंदर लड़की को देखकर मुझे अच्छा लगता है. छोड़ने की इच्छा हो जाती है. मन करता है उसके नर्म नर्म गालों को चुन लूँ और उसके होठों को चूस लूँ. अपनी बाहों में भरकर उसकी चुचियों को दबा दूँ और अपने लुंड को उसके बुर में दाल कर छोड़ डालूँ. शादियों के दिन थे और शादी का माहौल था. मेरे तीसरे छोटे सेल की शादी थी और हमलोग ससुराल में इकठ्ठा हुए. काफ़ी लोग होने की वजह से हर कमरे में कई लोगों का इन्तेजाम था. मेरी सलेज यानी पहले सेल की बीवी का नाम था सरला. गहुआ रंग, भरा हुआ बदन, ३४ २६ ३४ के आन्करे जैसा, गदराई जवानी और गज़ब की sundar. इच्छा करती की दबोच कर बस चबा ही डालूँ. इठलाती हुई जब चलती अपनी सारी को सामने हाथ से छूट के पास संभालती हुई तब मन करता की बस इसकी गर्म छूट को क्यों न मैं ही पकड़ लूँ और मसलता रहूँ. सारी से वोह अपनी मस्त और तनी हुई चुचियों को भरसक दहकती रहती लेकिन वोह बगल से ब्लौसे के मध्यम दीखता रहता. झुकी हुई निगाहों से देखती और मुस्करा देती. हमारा लौदा और खड़ा हो जाता. शाम के करीब ४ बजे थे और मैं उसकी तरफ़ देखे जा रहा था.तभी खिलखिलाती हुई बोली, “क्यों जीजाजी, क्या चाहिए ?” मेरे मुह से निकल पड़ा, “तुम.” चौंक कर बोली, “क्या कहा ?” मैंने जवाब दिया, “मेरा मतलब तुम्हारे हाथ की एक कप ची.”ची पीकर जैसे तैसे शाम गुजरी और रात हुई. एक कमरे में ऊपर पलंग पर मर्दों को सोने के लिए कहा गया और ठीक निचे ज़मीन पर औरतों के लिए गद्दे लगाये गए. किस्मत देखिये पलंग के जिस किनारे पर मैं था, ठीक उसके निचे ज़मीन पर सबसे पहले सरला का बिस्तर था. मन में बड़ी गुदगुदी हो रही थी. लुंड था की उठे जा रहा था. मैंने ठान लिया की बच्छु आज न चूकना. बस मौका देख कर पहल कर ही देना. फिर सोचा की एक बार तोह तो लेकर देखूं. मैंने सरला से पुछा, “सरला, ये मेरा तकीया एकदम किनारे में क्यों रख दिया. पलंग पर बीच में रखती.” वोह बोली, “क्यों आप करवट बहुत ज्यादा लेते हैं ?” फिर आहिस्ते से बोली, “प्लेअसे आप मेरे ऊपर मत गिर जयीगा.” दोस्तों, उसका यह बोलने का अंदाज़ ऐसा था की कोई बेवकूफ ही समझ न पाए. फिर क्या था, मैंने चादर तानी, लुंड हाथ में लिया, और लेते हुए सबके सोने का इंतज़ार करने लगा.आख़िर रात कुछ गुजरी और थके हुए सभी लोग एक एक कर गहरी नींद में सो गए सिवाय मेरे और सरला के जो की मैं जानता था. हिम्मत जुटा कर मैं आहिस्ता से ऊपर पलंग के किनारे से उतर कर निचे ज़मीन पर सरला के बगल में लेट गया. कमरे में पहले से ही अँधेरा था. मैंने पहले उसकी चादर आहिस्ता से थोडी सी अपने ऊपर ले ली और अपने बदन ko उससे सताया मनो कह रहा हूँ की मैं आ गया. वोह चुपचाप रही और मेरी हिम्मत बढ़ी.मैंने अपना हाथ अब धीरे से उसके कमर पर रखा और उसकी नरम लेकिन गर्म गर्म निघती पर सरकाते हुए उसकी चूची पर रख दिया. वोह कुछ नही बोली. मैंने अब उसकी चूची को दबाया. वोह शांत रही. और मैं मदहोश होने लगा. लुंड खुशी के मरे फद्फदाने लगा. लुंड को मैंने उसकी गांड से चिपका दिया. और हाथ से दूसरी चूची को दबाने लगा. चाहत बढ़ी और मैंने अपने हाथों से उसकी निघती को ऊपर उठाया. अब मेरा हाथ उसके बदन पर था. हाथ को ऊपर लेट हुए और उसके नर्म नर्म बदन का मज़ा लेते हुए मैंने उसकी नंगी चुचियों को छूया. गोल और एकदम सख्त. नर्म लेकिन गरम. निप्प्ले को दबाया और कसकस कर अब मैं चुचियों को दबा रहा था. होठों से मैं उसके गर्दन को चूमने लगा. अब लुंड छोड़ने के लिए बेताब हुआ जा रहा था. आख़िर कब तक सहता. कोई आवाज़ भी नही कर सकते थे.एक हाथ मैंने उसकी गर्दन के निचे से घुसकर उसकी तनी हुई चूची पर रखा और दूसरा हाथ मैंने सरकते हुए उसकी छूट पर रख दिया. छूट पर घने बाल थे लेकिन फिर भी एकदम गीली थी. यानी चुदवाने के लिए तैयार. लुंड तो बुर में घुसने के लिए बेताब था ही. मैंने अपनी ऊँगली उसके बुर के दरार को छूते हुए अन्दर घुसा दी. उसने एक आह सी भरी. वोह भी चुदवाने को एकदम तैयार थी.उसके कान के पास मुह ले जाकर मैंने फुसफुसाकर कहा, “मैं बाथरूम जा रहा हूँ, तुम थोडी देर बाद धीरे से आ जाओ जानेमन.” आहिस्ता से उठकर दबदबे पो से मैं बाथरूम के अन्दर घुस गया और दरवाज़ा हल्का सा खुला रख इंतज़ार करने लगा. पाँच मिनट बाद सरला आयी और जैसे ही अन्दर घुसी मैंने दरवाज़ा बंद कर चिटकनी लगा दी. अब क्या था. मनो सहनशीलता का बाँध बस टूट गया. मैंने कास कर उसे अपनी बाँहों में भरा और अपने होठ उसके धधकते होठों पर रख ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा. क्या होठ थे. जैसे गुलाब की पंख्दियाँ. ऐसा तसते की बस नशा आ गया. एक हाथ से मैंने उसके बाल पकड़ रखे थे चूमते हुए और दूसरे हाथ से मैं उसकी चुचियों को निघती के ऊपर से ही मसल रहा था. मेरा लुंड पजामा के अन्दर एकदम खरा हुआ परेशान हो रहा था. एक्स्सितेमेंट होने के बाद कपड़ा बहुत बुरे लगता हैं. नंगा बदन ही अच्छा लगता है. मैंने तुंरत अपने पजामे का नादा खोल उसे हटाया. अंडरवियर निकल फेंका. टीशर्ट उतर नंगा हो गया.उसकी निघती के बटन को सामने से खोलना शुरू किया. जल्दी से उसके बदन से निघती निकली, ब्रा के हूक को पीछे से खोला, और चूमते हुए दबाते हुए, कास कास कर एक दूसरे को मसलते हुए पहले बेसब्री से उसकी नंगी आजाद चुचियों को हाथ में ले लिया. सख्त भी थी और नरम भी थी. गरम भी थी और टाइट गोल गोल भी थी. क्या कहूं बस गज़ब की चूचियां थी. दबाव तो चिटक चिटक जाए. लेकिन बहुत बहुत मज़ा आए. गहरी गुलाबी रंग की निप्प्लेस के चारो तरफ़ ब्रोव्न रंग का गोल्नुमा रोसे. सुगंध जो उसके शरीर से आ रही थी, और भी मदहोश किए जा रही थी. सेक्स का सुगंध बोला नही जा सकता. बस एन्जॉय किया जा सकता है. वोह अब भी पूरी तरह से नंगी नही थी. न्य्लों का टाइट अंडरवियर उसके बुर को छुपाये हुए था. उसे जब तय तो सरला काफ़ी शर्मा गयी और अपना मुह मेरी छाती में छुपा लिया. मेरा लंबा और फाद्फादाता हुआ लुंड उसके बदन को छूट के आस पास छूता जा रहा था. मैंने उसके थोडी को हाथों से उठाया अपनी आंखों की तरफ़. उसने अपनी आँखें बंद कर ली.मैंने उसे पलकों के ऊपर चूमा. दीवार के सहारे अपने लुंड को उसकी छूट के अगेंस्ट दबाया. उसके होठों को चूसा और चूसता ही रहा. उसकी नंगी गोल गोल मुलायम गरम सख्त सेक्सी चुचियों को खूब दबाया और मसला. आख़िर रहा नही गया और उसकी चूची को निप्प्ले सहित अपने मुह में भर लिया. उसकी दाहिनी चूची मसलते हुए, उसकी लेफ्ट चूची को मैं तसते ले कर चूस रहा था. मुझसे और रहा नही गया. मैंने मज़ा लेने के लिए उससे पुछा, “सरला रानी, तुम इतने दिन तक कहा छुपी थी ? छोड़ दूँ ?” उसने एक हाथ से मेरी पीठ को अपनी तरफ़ दबा रखा था और दूसरे हाथ से मेरे लुंड को अपने मुलायम हाथों से पकड़कर बोली, “जीजाजी, जो भी करना है, जल्दी से कीजिये.” मैंने कहा, “क्या करून ? बोलो न, जान. तुम तो एकदम मलाई हो मलाई.” उसने झट से जवाब दिया, “खा जाईये न.” “क्या क्या खाओं रानी. तुम बड़ी मस्त चीज़ हो यार.” उसने शरारती बैटन का मज़ा लेते हुए कहा, “जीजाजी जल्दी से घुसा दीजिये न.” मैंने और मज़ा लेते हुए उसके कान के पास फुसफुसाकर कहा, “क्या घुसाओं और कहाँ.” बोली, “धत, आप बहुत बदमाश हैं. मैं जा रही हूँ.”मैंने कास कर पकड़ तो रखा ही था. इन्ही बैटन में हम एक दूसरे के बदन से लिपट लिपट कर पता नही क्या क्या कर रहे थे. बस कुछ न कुछ पकड़ा पकड़ी मसला मसली चूसा चूसी चल रही थी. आख़िर मैंने कहा, “रानी, एक बार कहना पड़ेगा. सिर्फ़ एक बार. प्लेअसे.” पूछने लगी, “क्या कहूं जीजू ?” मैंने मज़ा लेते हुए कहा, “कह दो की मेरे बुर में लुंड दाल कर छोड़ दीजिये न.” उसने शर्म्माने के अंदाज़ से कहा, “चोदिये न, जीजू. और मत तदपैये.” मैंने भी देखा की अब ज्यादा देर करने में रिस्क है. मैंने अपना लुंड उसके बुर के दरार पर रगड़ते हुए एक धक्का लगाया. लुंड अन्दर घुस तो गया लेकिन मज़ा नही आया. चुदाई का मज़ा तभी है जब औरत को लिटा कर चोदा जाए. बाथरूम के फर्श पर मैंने सरला को लिटाया और उसके ऊपर चढ़ gaya. टांगों को फैलाकर अपना लुंड उअके बुर पर रखा और घुसाया. उसने भी थोडी सी मादा की और अपने बुर से मेरे लुंड को समेत लिया. होठ चूसते हुए, चुचियों को दबाते हुए मैंने चोदना शुरू किया. वोह भी निचे से गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी.क्या चीज़ बने है ऊपर वाले ने यह चुदाई. बहुत बहुत मज़ा आता है. जिसने चुदाई की है उसे यह पढ़कर महसूस हो रहा होगा की हम दोनों कितना स्वाद ले रहे होंगे चुदाई का. बीच बीच में छोड़ते हुए, उसकी चूची को चूस भी रहा था. चुदाई लम्बी रखने के लिए मैंने स्पीड मीडियम ही राखी. चूची चूसते हुए और भी कम. आख़िर में लुंड ने जब सिग्नल दिया की अब मैं जह्दने वाला हूँ, तब मैंने कास कास कर चुदाई ki. चोदता रहा, चोदता रहा, स्ट्रोक्स पे स्ट्रोक्स लगता रहा. और वोह उचल उचल कर चुदवाई जा रही थी. ऐसा आनंद आ रहा था की मालूम ही नही पड़ा की हम दोनों कब एक साथ झाड़ गए. जल्दी से हमने कपड़े पहने और बहार निकलने के पहले मैंने सरला को कास कर अपनी बाँहों में जकडा और चूमते हुए कहा, “सलेज साहिबा, वादा करो जब भी मौका मिलेगा तो चुद्वओगी.” “आप बहु पाजी है” कह कर वोह दबे पो चली गयी............

Bus Se Bed Tak

अब में आपको मेरी स्टोरी बता रहा हु. में पुनजब( के एक फमोउस सिटी में रहता हु. मेरा ऑफिस है और में एकदम फ्रीएंद्य लड़का हु.बॉडी अच्छी है,मेरा लुंड ७ का है और थोड़ा मोटा है,,अब जयादा बोरे न करते हुए आगे खानी शुरू करता हु यहाँ की भाभी और लड़कियों में जो बात है वो इंडिया में और कही नही.बड़े बूब्स,चिकनी गंद,मस्त बॉडी, जैसे छोड़ते ही रहो.में डेली ऑफिस जाने के लिए ट्रावेल्स में उप्दोवं करता हु.सुबह जाता हु और शाम को वापस आता हु,रोज यही चलता है.मेरे साथ एक लड़की भाई डेली ट्रेवल करती है,वोअआगे से ही उसी गाड़ी में होती थी सायद अगले सिटी से आती होगी,एक बार गाड़ी में भीड़ ज्यादा ही थी,उसके बाजु में एक सीट खली थी सो में उसके पास बैठ गया,वो मुझे देख कर हलके से मुस्करायी मैंने भी स्मिले से अंस दिया,फ़िर थोडी देर बैठे रहे, अचानक ही उसने मुझे पुचा की तुम पढ़ाई करते हो या कोई जॉब, मैंने कहा की मेरा बिज़नस है, और उसने बताया की की वो गवर्मेंट सर्वेंट है,कुछ बाते हुई और फ़िर हम कम पर चले गए,रोज ऐसे ही मुलाकात होती रही,हम अपनी बाते बताते रहे,वो शादिधुदा थी पर डिवोर्स थी अकेली रहती थी,उसका नम सोनू था,उसकी आँखों में कुछ अजब सी कशिश थी,गोरा बदन,३६ बूब्स,काफी सुदुल बदन और एकदम सेक्सी.एक बार उसने कहा की कल मेरी छुट्टी है हो सको तो मेरे घर ची-पानी के लिए आओ.मैंने कहा ठीक है.और उससे एड्रेस और मो.नो. लेके में उसके घर पंहुचा.उसका घर काफी सुंदर था.मैंने डोरबेल बजाई और उसने दरवाजा खोला और मुझे वेल्कोमे कहा.अन्दर एके में ड्राइंग रूम में बैठा.थोडी देर में वो ची ले के आई और हमें आपस में बाते करना सुरु किया.हु एक दुसरे स एकाफी देर तक बातें करते हुए.उसने पिंक कोलोर क असुइत पहने हुआ tha जो की भट टाइट था जिसमे उसके कसे हुए मुम्मे साफ दिखाई दे रहे थे और सुइट की पजामे बी काफी त्घ्त थी.... जब वो छाए बने के लिए जुकी तो उसकी ब्रा साफ नज़र आ रही थी जाकें मनो इतने त्घ्त थे उसके बूब म्ज्से कंट्रोल नि हो रहा था..फर अचानक ही उसने कहा की इ लव उ.में तुह्मे प्यार करती हु और तुम्हे पाना चाहती हु और मुझसे लिपट गई,जैसे ही उसके बदन का स्पर्श हुवा मेरे सरीर में करंट दौड़ गया में भाई उससे लिपट गया और उसे चूमने लगा,वो मुझे अपने बेडरूम में ले गई और हम दोनों बेद में लेते हुवे एक दुसरे के कपड़ो पर टूट पड़े थोडी देर में हम एकदम नंगे थे,क्या बताऊ दोस्तों उसका बदन था या क़यामत,नर्म और बड़े बूब्स,उस पुर गुलाबी निप्प्लेस एकदम फुल गए थे,चिकनी गंधे और बिच में गुलाब की तरह लाल छूट ,जैसे मुझे न्योता दे रही थी,उसने मेरे लोंद को पकड़ा और कहा मेरे जणू तुम्हारा लुंड तो एकदम कड़क है,अब मेरे प्यास बुझेगी,मैंने अपना एक हाथ उसकी योनी पर रखा और रब करने लगा, मैंने धीरे से उसकी छूट खोली,एकदम फूली हुयी और चोटी सी उसकी छूट थी.एकदम सफाचट थी मैंने छूट की चलित को चुवा तो वो तड़प उठी और आहे भरने लगी मेरा सर पकड़कर उसने योनी पर रख दिया,और में धीरे धीरे उसकी छूट पर अपनी झिब फेरने लगा वो बुरी तरह से तड़प रही थी,उसकी छूट में से चिकना पानी निकल रहा था,मैंने अपनी एक ऊँगली को चिकना किया और धीरे से उसकी छूट में दल दिया,और अन्दर बहार करने लगा.
वो मस्त हो रही थी,फ़िर उसने मेरे लुंड को पकड़ लिया और अपनी जीभ उस पर फिरने लगी में उसका दोनों निप्प्लेस को चुटकियों में रगड़ रहा था फ़िर उसने कहा की अब मुज्मे समां जाओ और फ़िर मैंने उसकी दोनों टांगो को अलग किया और बिच में बैठ गया.उसकी गुलाबी छूट एकदम फुल गई थी,और पानी से एकदम चिकनी हो गई थी.चिकना पानी लगातार निकल रहा था मैंने अपना लुनद छूट के पानी से चिकना किया और छूट पर रब करने लगा,वो बहोत तड़प रही थी, उसने अपनी छूट दोनों हाथो से खोल दी,उसकी छूट का छोटा सा होल एकदम साफ दिख रहा था, फ़िर मैंने अपना चिकना लुंड धीरे से उसकी छूट में डालना सुरु किया और वो कराहने लगी, धीरे धीरे मैंने पुरा लुंड उसकी छूट में डाला और अपनी कमर हिलाने लगा.अब वो भी मस्त होकर एकदम मुझसे लिपट पड़ी थी और में शोट पर शोट लगता रहा,उसे बहोत मज़ा आ रहा था, छूट चिकना पानी निकल रही थी और उकी बजह से चाप चपक चाप जैसे आवाज़ आ रही थी,फ़िर मैंने उसे घोडी स्टाइल में रख कर पीछे से अपना लुनद उसकी छूट में दल दिया,में कभी लुनद पुरा निकल लेता और फ़िर पुरा दल देता,रगड़ से चपक चपक की आवाज़ गूंज रही थी और फ़िर स्पीड से मैंने उसे चोदना सुरु किया और अपना पुरा वीर्य उसकी छूट में दल दिया.अब वो पुरी तरह सतिस्फ्य हो गई थी.हम दोनों आफ्टर सेक्स बेद पर लेते एक दुसरे को चूमने लगे.और दोस्तों फ़िर सुरु हुवा न ख़त्म होने वाला एक छोड़ने का सिलसिला.

Hum teeno bister par aa gye

दोस्तों मेरी शादी १२ साल पहले हुई थी.में और मेरी बीवी रोजाना सेक्स के मजे लेते हैं.मेरी बीवी का रंग गोरा-है,उसका भरा हुआ बदन बहुत सेक्सी लगता है.उसका फिग ३६.३०.३८ है जो भी उसे देखता है उसके मून में उसे
छोड़ने की इच्छा जाग उठती है.
शादी के वक्त वो एक सीधी सदी युवती थी जिसे चुदाई की असली मस्ती का बिल्कुल भी अंदाजा नही था.हम लोग रात को खाना खाकर्बिस्टर में घुस जाते एक या दो बार चुदाई करके सो जाते थे.करीब तीन साल निकल जाने पर मैंने महसूस किया की मेरी बीवी की सेक्स में रूचि कुछ कम होने लगी है.मेरे कई बार पूछने पर भी उसने कुछ नही बताया.अब हमारे बीच हफ्ते में एकाध बार चुदाई का मूड बन पता था.वो ज्यादातर सर दर्द या थकावट का बहाना करके चुपचाप सो जाती थी.
मैंने सोचा की रात को बीवी को ब्लू-फ़िल्म दिखाया करून जिस से उसमे पहले जैसी सेक्स की गर्मी आ जायेगी.दुसरे दिन में ६ अलग अलग ब्लू फ़िल्म की कद ले आया.शाम को मैंने बीवी से कहा आज जल्दी मत सो जन क्योंकि आज में तुम्हे खास चीज दिखने वाला हूँ.उसने भी हामी भर दी.
में बेसब्री से इन्तजार करने लगा.जैसे ही घर का काम निपटाकर मेरी बीवी कमरे में ई मैंने झट से दरवाजा बंद कर दिया और बोला मेरी जान आज में तुम्हे वो चीज दिखानुगा की तुम दुंग रह जोगी.कहकर मैंने डीवीडी ओं कर दिया.जब असली फ़िल्म शुरू हुई तो पहले मेरी बीवी खुशबू शर्माने लगी.तब मैंने खा की इसमे शर्माने की क्या बात है,यही तो जिन्दगी का असली मजा है.धीरे-धीरे खुशबु को भी फ़िल्म का मजा आने लगा.फ़िल्म में सब कुछ था कभी लड़की लुंड चूस रही थी कभी लड़का उसकी छूट चाट रहा था कभी लड़का उसको चित लिटाकर कभी घोरी बनाकर छोड़ रहा था और कभी लड़की उसके उपर बैठ कर घप-घप पूरा लैंड खा रही थी.
ये सब देख कर खुशबु गरम हो उठी और मेरा ५ इंच का लैंड पाकर कर मसलने लगी.उस रात हमने जी भर कर चुदाई का मजा लिया.काफी दिन यह सिलसिला चलता रहा.हम दोनों शराब के एक या दो पैग लगाकर बी/फ देखते और छूट चाटने लुंड चूसने और छोड़ने चुदाने का मजा लेते रहे.
लगभग एक साल पहले एक दिन अचानक खुशबु पूछने लगी बी/फ में ये जो दो या अधिक आदमी मिल कर एक औरत की चुदाई करते हैं क्या उसके पति को एतराज नही होता.मैंने खा की जो पति अपनी बीवी को प्यार करते हैं वो उसकी खुशी या मजे के लिए कुछ भी कर सकते हैं.
तब वो मुस्कराते हुई शरारती अंदाज में बोली अगर मुघे भी दो आदमियों से चुदाई का मजा लेना है तो आप क्या करेंगे?मैंने दोनों हाथों में उसका चेहरा लेकर प्यार से पूछा मेरी जान बिना मजाक सुच बताओ क्या तुम सच मच दूसरा लुंड खाना चाहती हो,देखो सुच बोलना तुम्हे मेरी कसम मेरी जान मैं भी चाहता हूँ की तुम इल खोल कर लुंड के मजे लो बोलो मेरी जान तेरे लिए और लुंड का इतजाम करून?
उसने शरमाकर मेरी छाती पर सर रखते हुए खा यदिअपकी यही इच्छा है और आपको कोई एतराज नही तो आप किसी लुन्द्का इंतजाम कर लो.देखो जी में ३१ साल की हो गई हूँ इस उमर मेंसेक्स्य बहुत अधिक हो गई हूँ.जो भी लड़का या आदमी आप लायें उसका लुंड आपसे लंबा और मोटा हो तो अच्छा है.
दूसरे दिन मैंने अपने दफ्तर में क्लर्क मोहित को सेक्सी बैटन से टटोला वो कुंवारा है.मोहित भी सेक्स के लिए लड़की की जुगाड़ में था.मैंने उसे किसी बहने रात को घर आने कहा.
रात ८ बजे मोहित मेरे घर पहुँच गया.खुशबु ने खाना पहले ही बना लिया था.मैंने शराब की बोत्त्ले खोलकर तीन लर्गे पैग बनायेऔर बीवी को वहीँ बुला लिया.मोहित बोला सर मैं शराब नही लूँगा मुघे अपने घर जन है तो मैंने कहा की यहीं सो जन.वो तैयार हो गया.खुशबु ने उसका मेरी लुंगी पेहेन्ने को दी.
खुशबु के हाथ शराब का ग्लास देख कर मोहित हैरान हुआ तो मैंने कहा की हम ओपेंमिन्देद लोग हैं.
दो लर्गे पैग लेने के बाद तीनो सरूर में आ गये.मैंने बीवी को हम दोनों क
ऐ बीच बैठने को खा वो हमारे बीच सूत कर बैठ गई.मैंने मोहित के सामने ही बीवी के लिप्स चूमे और एक चूची पर हाथ फेरने लगा. मोहित पसीने से भर गया.मैं बोला सक्की अच्छा हो तो शराब का मजा दुगना हो जाता है मोहित यार तुम क्यों शर्मा रहे हो एक चूची तुम पकड़ लो वो घबरा गया तो मैं फिर बोला अआदेखो तुम कुंवारे हो मैं जनता हूँ तुम सेक्स एन्जॉय करना चाहते हो दरो मूत कहते हुए मैंने उसका हाथ पकड़ कर खुशबु के मुम्मे पर रख दिया और बीवी को उसका लुंड सहलाने का इशारा किया तो वो उसके लुंड को पकड़ कर दबाने लगी थोडी देर में ही मोहित गरम होने लगा उसकी आँखों में लाल डोरे तैरने लगे एकाएक उसने मेरी बीवी को बाँहों में भर लिया और अंग अंग चूमने लगा खुशबु भी उसका लुंड पकड़े हुए थी.फिर मेरी तरफ़ मुद कर वो बोला सर! एक शोट खाने से पहले लगा ले.
हम तीनो बिस्टर पर आ गये.उन दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतरे बमें हैरान रह गया मोहित का लुंड ७ इंच लंबा मुझसे दुगना मोटा था. खुशबु ने चूसते हुए उसके लुंड को और तगर बना दिया थ फिर उसने भी मेरी बीवी की छूट चाट चाट कर बेहाल कर दिया फिर उसे लिटा कर अपना तगड़ा लुंड छूट के मुहँ पर रखा. मैं पहली बार किसी न्दुसरे लुंड को अपनी बीवी की छूट में जाते हुए देख रहा था.फिर उसने पूरा लुंड अंडर पेल दिया जोरदार चुदाई करने लगा. बीवी के चेहरे पर लंबे मोटे लुंड की चुदाई की संतुष्टि भरी मस्ती देखकर मैं भी खुश हो रहा था. ये सिलसिला अब तक चल रहा है और मोहित की शादी तक तो चलेगा ही.

Pooja ki chudai

आज मई आप लोगो के साथ अपनी रियल स्टोरी शेयर करने जा रहा हु..

ये बात २००६ की है तब मई ग्रादुअशन लास्ट इयर(अलाहाबाद यूनिवर्सिटी) में था. मई किसी भी लड़की में सिर्फ़ दो ही चीजे देखता हु एक उसके बूब्स और दूसरी उसकी गंद, जिस लड़की की बूब्स और गंद भरी भरी होती है वो लड़की मुझे बोहोत सेक्सी लगती है और ऐसी लड़की को देख कर मेरा लैंड खड़ा हो जाता है और उसे छोड़ने को मचलने लगता है. मैंने अपने फ्रिएंड्स से उनकी गर्लफ्रेंड की चुदाई के किस्से सुने थे और मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नही थी इस लिए मेरा मन चुदाई को भोत तरसता था. पैर मेरी भी इच्छा पूरी हो गई. एक शाम जब मई अपने चाट पैर बैठा सड़क पैर आती जाती खूबसूरत लड़कियों के हुस्न के मज़े ले रहा था तब अचानक मैंने अपने पड़ोस वाली चाट पैर एक लड़की को देखा. मई तो उसे देखते ही रह गया वो लड़की क्या खिलता हुआ कमल था बस इतना समझ लो १४-१५ साल की लड़की थी वो जिसने जवानी की दहलीज पे अभी अभी अपने कदम रखे थे, उसके बूब्स तो बोहोत बारे नही थे पैर उसकी गंद बोहोत भरी भरी थी, देखते ही मेरा मन किया काश मई इसकी गंद को अपने हाथों से सहला सहला के इसे छोड़ पड़ा.

अच्तुअल्ली काया है के मेरे परोस वाला घर काफी दिनों से खली था और वो अपने मम्मी और पापा के साथ वह किराये पे रहने उसी दिन आई थी. उस रात मई उसे अपने सपने में ही छोड़ के खुश हो गया पैर मैंने फैसला कर लिया था की इसे मई छोड़ के ही रहूँगा. न जाने क्यों वो मुझे बोहोत अची लगी थी. शायद ये पहली नज़र का प्यार था.अगले दिन मई फिर शाम को चाट पे पोहंच गया और उसका वेट करने लगा पैर शायद मेरी कि़स्मत ख़राब थी काफी देर बाद भी वो नही आई. थोरी देर बात मेरी मोम भी चाट पैर आ गई और मई अपनी मोम से बात करने लगा. अचानक से उसकी मोम भी चाट पैर आ गई पैर मेरी नज़रें तो उसे ढूँढ रही थी, जब उसकी मोम ने मेरी मोम को देखा तो दोनों में बातचीत शुरू हो गई. मैंने भी सोचा चलो अच है शायद मेरा भी कुछ काम बन जाए इस लिए मई उनकी बातें सुन ने लगा उसकी मोम ने बताया की उनकी लड़की १०थ क्लास में पढ़ती है और उसे मैथ के लिए कोई अच टूशन चाहिए. बस फिर क्या था मेरी तो मन मांगी मुराद पूरी हो गई मैंने झट से कहा आंटी मैथ तो मई भी पड़ता हु आप चाहें तो मई ही पढ़ा देता हु. उसकी मोम ने मेरी कुँलिफिकाशन, और दूसरे तुशंस के बारे में पुछा और उसको मुझसे टूशन दिलवाने के लिए राज़ी हो गई.

अगले दिन वो अपनी मोम के साथ मेरे घर आई ओह गोद! वो भरी भरी गंद वो बूब्स उसपर उसका परियों जैसा चेहरा मेरा लैंड तो पैंट में तूफ़ान मचने लगा. मई सोफे पे बैठ गया वो मेरे साथ वाले सोफे पे बैठी थी और उसकी मोम दूसरे कमरे कमरे में मेरी मोम से बात करने चली गई. हाय कमरे में सिर्फ़ मई था और वो मन तो कर रहा था खूब जूर जूर से उसके बूब्स दबा कर उसे किस करू पैर किस तरह से अपने जज्बात पैर काबू किया ये सिर्फ़ मई ही जनता हु. मैंने पुछा तुम्हारा नामे क्या है. उसने कहा "पूजा मिश्रा". ओह गोद कितनी प्यारी आवाज़ थी और उसके होंट जी तो चाह आज अभी इन प्यालों को अपने लबों से लगा कर जी भर के पियून. दिल पैर पत्थर रखना किसे कहते है ये उस दिन मैंने जाना था.

दोसरे दिन मैंने उसके लिए टेबल के दूसरी तरफ़ एक कुर्सी रख दी ताकि वो मेरे सामने रहे. जब वो आई तो मैंने उसे कुर्सी पे बैठने को कहा अच्तुअल्ली मई चाहता था की वो मेरे सामने बैठे ताकि मई उसके बूब्स को उसकी टी-शर्ट के गले में से दीख सकू. पैर वो कुर्सी पैर सीधी हो कर बैठ गई और जब मई कोई क़ुएस्तिओन सोल्वे करने को देता तो वो कॉपी अपनी गोद में रख कर लिखने लगती, जब बार बार उसने ऐसा ही किया तो मैंने उस से कहा की कॉपी को टेबल पैर रख कर लिखा करो वरना तुम्हारी व्रितिंग ख़राब हो जायेगी तो वो कॉपी टेबल पैर रख कर लिखने लगी.. वो क्या गोल गोल खूबसूरत बूब्स थे उसके मुझे बोहोत मज़ा आया. उसने भी कई बार नोटिक किया की मई क्या देख रहा हु पैर वो कुछ न बोली.

धीरे धीरे वो मुझसे बोहोत फ्रीएंद्ली हो गई और खुल कर बात करने लगी. एक दिन जब मेरा पीसी ख़राब था तो मई उसके घर चला गया. मैंने आंटी से कहा की मेरा पीसी ख़राब है मई पूजा का पीसी उसे कर लू तो आंटी ने मुझे पेर्मिस्सिओं दे दी. वो कॉलेज गई थी मई कद से सोंग्स अपने मोबाइल में ट्रान्सफर करने के बाद उसके पीसी को एक्स्प्लोरे करने लगा. मई तो देख कर दंग रह गया उसके पीसी में ढेर साड़ी ब्लू फिल्म्स थी मैंने पीसी बंद किया और आंटी से कहा की अब मई घर जा रहा हूँ. साड़ी रात मई सोचता रहा की अगर पूजा ये सब देखती है तो १००% उसका मन भी चुदवाने को करता होगा और उसका कोई बोय्फ़्रिएन्द भी नही है. मैंने फ़ैसला किया की मई पूजा से इस बारे में बात करूँगा. और उस रात मैंने अपने सपने में उसकी जमकर चुदाई की......

अगले दिन जब पूजा टूशन के लिए आई तो मैंने उस से बातों बातों में कहा की कल मई तुम्हारे पीसी पे काम कर रहा था मैंने उसमे कई साड़ी ब्लू फिल्म्स देखि क्या तुम ब्लू फ़िल्म देखती हो? वो एकदम से सकपक गई उस से कोई जवाब देते न बना फिर वो इंकार करने लगी की उसके पीसी में ऐसा कुछ नही है तो मैंने कहा अच घर चलो मई अभी दिखता हु. तो वो कहने लगी की आपने ही कल मेरे पीसी में ये मूवी दाल दी होगी. मैंने सोचा हो सकता है ब्लू फ़िल्म किसी और ने राखी होगी. सच कहू तो मेरा शक उसके पापा पैर गया पैर फिर मुझे याद आया की एक दिन अंकल ने अपने मोबाइल की फोटो मुझे कद में राइट करने को दी थी. मतलब साफ़ था वो पीसी नही चला सकते थे और वो फिल्म्स पूजा ने ही राखी होगी...

मैंने बाद में कई बार पूजा से इस बारे में बात की पैर पूजा साफ़ इंकार कर देती थी. एक रात जब मैं इन्ही ख्यालों में था तो मैंने सोचा की अगर पूजा ब्लू फिल्म्स देखती है तो वो भी चुदाई को तरसती होगी फिर वो मुझसे शर्मा क्यों रही है. साड़ी रात मई ये ही सोचता रहा फिर मैंने सूचा की मई पूजा के साथ जबरजस्ती सेक्स करूँगा. और उस दिन से मई मौका देखने लगा. फिर एक दिन मुझे मौका मिल ही गया. मेरी मोम मर्केत्तिंग करने गई थी और जल्दी घर आने वाली नही थी. उस दिन जब पूजा आई तो मैंने उसे अन्दर वाले कमरे में बैठने को कहा. वो स्कर्ट और टॉप पहने थी और बोहोत सेक्सी लग रही थी.मई ललचाई नज़रों से पूजा को देख रहा था जब उसने देखा तो वो बोली "सर क्या देख रहे हो, आज पड़ना नही है क्या?". मेरी नजरे उसके बूब्स पैर थी उसके निप्प्लेस टॉप के उपर से दिख रहे थे मतलब साफ़ था उसने ब्रा नही पहनी थी. उसने शायद मेरी नजरों में वासना देख लिया था इस लिए वो उठ कर जाने लगी. तभी मुझे न जाने क्या हुआ मैंने अचानक से उसे पकड़ कर दिवार से लगा दिया और उसके होंतो को किस करने लगा उसने चुराने की बोहोत कोशिश की पर मैंने उसके खूब किस किया फिर जब मैंने उसे चोदा तो तो उसकी आँखों में आंसू थे.मई थोरा डर गया कहीं ये किसी से कह न दे फिर मैंने सोचा जब इतना कर दिया है तो काम पूरा ही कर लू जो होगा देखा जाएगा. फिर वो जैसे ही दरवाजे की तरफ़ बड़ी मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसकी बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा. वो चिल्लाने लगी "चोदिये सर ये क्या कर रहे हैं मई पापा से कह दूंगी." मैंने कहा "पूजा मेरी जान आज तो चाहे जो हो जाए मई तुझे नही चोरुंगा."

मैंने उसका टॉप उतर दिया और उसके बूब्स को खूब दबाया फिर मैं एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा और दूसरा हाथ उसके स्कर्ट में दाल दिया. वो कितनी चिकनी थी उसकी छूट और उसने पैंटी तक नही पहनी थी. मैं अपनी एक ऊँगली से उसकी छूट को सहलाने लगा. वो जूर जूर से लम्बी लम्बी साँसे लेने लगी और मेरी गिरफ्त से छूटने के लिए मचलने लगी. पैर मई उसको पूरी ताकत से अपने जिस्म से चिपका कर उसके बूब्स को दबा रहा था और सुकी छूट को सहला रहा था. फिर मैंने उसे बेद पैर गिरा दिया उअर उसकी स्कर्ट भी उतर दी वो उसकी छूट एकदम साफ़ और चिकनी थी. अब मई अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स दबा कर चूसने लगा तो वो मुझे अपने से दूर धक्का देने लगी और कहने लगी "सर प्ल्ज़ मुझे चोर दीजिये वरना मई अपने पापा से कह दूंगी." मैंने कहा "चुप साली रंडी ब्लू फिल्मे देखती तो तेरे पापा कुछ नही कहते अब तो मई तुझे बिना चोदे नही चोरुंगा."

फिर मई उसे कमर से पकड़ उसकी छूट को चाटने लगा. मुझे उसकी छूट चाटने में खूब मजा आ रहा था और मई मजे ले ले कर उसकी छूट को चाट रहा था और बीच में उसकी छूट को अपने दांतों से दबा भी रहा था. थोरी देर बाद उसका जिस्म जूर से झटका खाने लगा और उसकी छूट ने खूब सारा पानी मेरे उपर चोर दिया. तो मैंने बुला "साली कुतिया मज़े ले ले कर अपनी छूट चुसवा रही और अपने बाप से बोलने की धमकी देती है. क्या अपने बाप से ये भी कहेगी की मैंने तेरी छूट छाती थी." वो कुछ न बोली बस आँखे बंद कर के लम्बी लम्बी साँसे ले रही थी. फिर मैंने उसकी छूट को चाट कर साफ़ किया और फिर से उसके बूब्स को चूसने लगा. फिर मैंने अपने सारे कपरे उतर दिए और अपने लैंड उसकी छूट पे जैसे ही रखा वो अपनी गंद इधर उधर हिलाने लगी और कहने लगी "प्ल्ज़ डालना नही मुझे बोहोत दरद होगा". पैर मैंने सोच लिया था मई इसे खूब जूर जूर से चोदुंगा. मैंने एक हाथ से उसके दोनों हाथो को उसके सर के उपर कर के पकड़ लिया और दूसरा हाथ उसके मुह पैर रख कर एक खूब जूर का धक्का मारा मेरा लैंड उसकी छूट की ऐसी तैसी करता हुआ पूरा का पूरा एक ही झटके में उसकी छूट में घुस गया. वो बेचारी जूर जूर से चतपताने लगी और पूरे कमरे में उसकी घुटी घुटी सी चीख गूंजने लगी. पैर मैंने उसपर जरा भी तरस नही खाया और जूर जूर से धक्के मरने लगा. उसकी छूट से काफी खून निकल रहा था. फिर थोरी देर बाद मेरे लैंड ने ढेर सारा पानी उसकी छूट में चोर दिया.

मैं तो उसे कम से दो बार और चोदना चाहता था पैर उसकी हालत देख कर मैंने उसे चोर दिया. मैंने कपड़े से उसके जिस्म पैर लगे खून को साफ़ किया और खुद बाथरूम में चला गया जब मई वापस आया तो वो जा चुकी थी.आगे क्या हुआ ये मई बाद में बताऊंगा.